‘सार्थक ऐप’ से उपस्थिति की अनिवार्यता हटाने की मांग: धार में कृषि विस्तार अधिकारियों ने मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

सरदारपुर-धार। कृषि विस्तार अधिकारी संघ भोपाल के आह्वान पर कृषि विस्तार अधिकारी संघ, जिला शाखा धार द्वारा ‘सार्थक ऐप’ के माध्यम से अनिवार्य उपस्थिति दर्ज कराने की व्यवस्था से मुक्त किए जाने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया।

ज्ञापन के माध्यम से संघ ने अवगत कराया कि कृषि विभाग में महिला कर्मचारियों की संख्या अधिक है, जबकि अधिकांश कार्यक्षेत्रों में उनके ठहरने तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था उपलब्ध नहीं है। इसके अतिरिक्त, कई कृषि विस्तार अधिकारियों के पास वर्तमान में 5 से 6 कृषि केंद्रों के साथ-साथ लगभग 35 से 40 गांवों का प्रभार है। इस भारी कार्यभार के कारण उन्हें प्रतिदिन अलग-अलग गांवों का भ्रमण कर किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन देना पड़ता है और विभिन्न शासकीय योजनाओं का क्रियान्वयन करना होता है।

संघ का कहना है कि इन व्यावहारिक और मैदानी परिस्थितियों में ‘सार्थक ऐप’ पर अनिवार्य उपस्थिति दर्ज करना संभव नहीं है, जिससे शासकीय और मैदानी कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं।

कृषि विस्तार अधिकारी संघ के जिलाध्यक्ष पारस बेनल ने बताया कि कृषि विस्तार अधिकारी संघ ने शासन से मांग की है कि व्यावहारिक दिक्कतों को ध्यान में रखते हुए उन्हें ‘सार्थक ऐप’ आधारित उपस्थिति प्रणाली से मुक्त किया जाए, ताकि वे किसानों के हित में अपने दायित्वों का अधिक प्रभावी और सुचारू ढंग से निर्वहन कर सकें। ज्ञापन के दौरान जिलाध्यक्ष सहित बड़ी संख्या में कृषि विस्तार अधिकारी मौजूद रहे।

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