सरदारपुर। क्षेत्र के किसानो के हक और सिंचाई के पानी के लिए भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) निर्णायक लड़ाई लड़ने जा रहे हैं। क्षेत्र में गहराते जल संकट और सूखे की मार झेल रहे किसानों ने अपनी 5 प्रमुख मांगों को लेकर 9 अक्टूबर शुक्रवार को सुबह 10 बजे से माही नदी, शनि मंदिर के सामने बड़े स्तर पर ‘जल सत्याग्रह’ करने का ऐलान किया है।
भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के जिलाध्यक्ष राकेश सोलंकी ने बताया कि क्षेत्र में बारिश की कमी के कारण फसलें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं और जल स्रोतों में पानी की भारी किल्लत है। शासन-प्रशासन की उपेक्षा के चलते किसानों ने अब सड़कों और नदी तट पर उतरकर लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष करने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि आंदोलन के माध्यम से 5 प्रमुख मांगे रखी जाएगी।
जिसमें नर्मदा सिंचाई परियोजना का पानी तत्काल किसानों की फसलों की सिंचाई के लिए उपलब्ध कराया जाने, भविष्य के जल संकट से राहत पाने के लिए नर्मदा परियोजना के पानी से क्षेत्र के सभी खाली पड़े तालाबों और जलाशयों को प्राथमिकता से भरा जाने, अल्पवर्षा और फसलों पर पड़े गंभीर प्रभाव को देखते हुए पूरे धार जिले को तत्काल आधिकारिक रूप से सूखाग्रस्त घोषित किए जाने, सूखे से बर्बाद हुई फसलों का प्रशासन द्वारा निष्पक्ष व उचित सर्वे कराकर किसानों को तत्काल राहत राशि और मुआवजा प्रदान किया जाने तथा हर साल उत्पन्न होने वाले जल संकट से हमेशा के लिए निजात पाने हेतु किसानों के लिए सिंचाई की दीर्घकालिक और स्थायी जल प्रबंधन व्यवस्था सुनिश्चित की जाने की मांग रखी जाएगी।


















