धार। मध्य प्रदेश लघु वेतन कर्मचारी संघ जिला शाखा धार ने मंगलवार को नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार से उनके धार स्थित निवास पर मुलाकात कर कर्मचारियों की ज्वलंत समस्याओं को लेकर एक ज्ञापन सौंपा। संघ ने अंशकालीन व दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के अल्प मानदेय और उनसे लिए जा रहे अत्यधिक कार्य को लेकर गंभीर चिंता जताई।
5000 मानदेय में परिवार चलाना दूभर –
ज्ञापन सौंपते हुए संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में अंशकालीन कर्मचारियों को मात्र 5000 रुपये मासिक मानदेय दिया जा रहा है। महंगाई के इस दौर में इतनी कम राशि से कर्मचारियों के परिवारों का भरण-पोषण और जीवन-यापन करना असंभव हो गया है। इसके अलावा छात्रावासों, हॉस्टलों और आश्रमों में पदस्थ कर्मचारियों से 8 घंटे से भी अधिक समय तक कार्य लिया जा रहा है, जो श्रम न्यायालय की गाइडलाइन और नियमों का खुला उल्लंघन है।
इस व्यवस्था से पूरे धार जिले के 200 से अधिक अंशकालीन, दैनिक वेतनभोगी, स्थाई कर्मी एवं नियमित कर्मचारी सीधे तौर पर प्रभावित हो रहे हैं। इसी उपेक्षा से त्रस्त होकर जिले भर के कर्मचारियों ने एकजुट होकर अपनी मांगों का मांगपत्र प्रस्तुत किया।
विधानसभा में उठाएंगे आपकी जायज मांगें: उमंग सिंघार
ज्ञापन प्राप्त करने के बाद नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कर्मचारियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना। उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त करते हुए कहा कि कर्मचारियों के साथ हो रहा यह व्यवहार अनुचित है और वे इन सभी जायज मांगों को आगामी विधानसभा सत्र में प्रश्न के रूप में प्रमुखता से उठाएंगे। नेता प्रतिपक्ष के इस स्पष्ट आश्वासन के बाद कर्मचारियों में अपनी मांगों के निराकरण को लेकर उम्मीद जगी है।
यह पूरा कार्यक्रम लघु वेतन कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष एवं प्रांतीय संगठन सचिव दंगल दास (डीडी) बैरागी के नेतृत्व में संपन्न हुआ। इस अवसर पर संघ के उपाध्यक्ष हीरालाल, बाबूलाल चौहान, संजय, निर्मल, नारायण दायमा, कमलेश मंडलोई, दीपालाल सोलंकी, कमलाकर राव, राधेश्याम मकवाने, मंजुला मंडलोई, महेंद्र वर्मा, धर्मेन्द्र, राधा शर्मा सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी और पदाधिकारी उपस्थित रहे।


















