सरदारपुर। नर्मदा-माही लिंक परियोजना के लोकार्पण के अवसर पर शनिवार को सरदारपुर पहुंचे प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) ने किसानों की विभिन्न ज्वलंत समस्याओं को लेकर एक ज्ञापन सौंपा।
भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष राकेश सोलंकी ने बताया कि यूनियन के प्रतिनिधिमंडल ने हेलिपैड पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात की और किसानों के हितों से जुड़ी प्रमुख मांगों से उन्हें अवगत कराया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री से मुख्य रूप से जिले में सूखे की गंभीर स्थिति को देखते हुए सहकारिता विभाग और सभी वाणिज्यिक बैंकों द्वारा किसानों से की जा रही ऋण वसूली पर तत्काल रोक लगाई जाए तथा किसानों का ब्याज पूरी तरह माफ करने की मांग की हैं।
सूखाग्रस्त जिला घोषित करने की मांग –
ज्ञापन में धार जिले को आधिकारिक तौर पर सूखाग्रस्त घोषित कर प्रभावित किसानों को उचित आर्थिक सहायता राशि प्रदान करने, नर्मदा सिंचाई परियोजना का पानी कालीकराई, माही नदी, गोविन्दपुरा, उण्डेली तालाब, महावीर जलाशय, मेरको डैम (अमझेरा) सहित क्षेत्र के अन्य तालाबों में सिंचाई हेतु उपलब्ध करवाने, सरदारपुर तहसील के जो गांव खरमोर अभयारण्य के चलते नर्मदा सिंचाई परियोजना से वंचित रह गए हैं, उन्हें भी शीघ्र इस योजना का लाभ देने की मांग रखी हैं।
साथ ही रिंगनोद वाकड़ घाटा तालाब का निर्माण कार्य जल्द से जल्द शुरू करवाने, धार जिले के अति-व्यस्त धार–चिकल्या–आहू–टकरावदा–सिलोदा मार्ग पर बढ़ते यातायात के दबाव को देखते हुए इसे ‘टू-लेन’ मार्ग के रूप में स्वीकृति दी जाने, क्षेत्र में नीलगायों (रोजड़ों) के आतंक से फसलों को भारी नुकसान पहुंच रहा है। इन्हें पकड़कर अन्य घने जंगलों में छोड़ने की मांग भी रखी गई हैं।

















