राजगढ़। बुधवार को श्री मोहनखेड़ा तीर्थ की पावन भूमि पर गच्छाधिपति आचार्य आचार्य हितेशचंद्रसूरिश्वरजी महाराज व गच्छाधिपति आचार्य श्री लेखेंद्र सूरीश्वरजी महाराज का मुनि मंडल व साध्वी मंडल के साथ भव्य मंगल प्रवेश हुआ। इस अवसर पर मालवा प्रांत सहित अन्य राज्यों से बड़ी संख्या में गुरुभक्त शामिल हुए ।
प्रातः 9 बजे जय तलेटी से भव्य चल समारोह का आरंभ हुआ, जो प्रातः 11 बजे तीर्थ परिसर पहुंचकर धर्मसभा में परिवर्तित हुआ। चल समारोह में विभिन्न राज्यों से आए कलाकारों ने आकर्षक प्रस्तुतियां दीं, जो गुरुभक्तो के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं।
समारोह में जैन समाज के महिला मंडल की महिलाएं सिर पर कलश धारण कर आगे चल रही थीं, वहीं युवाओं की टोलियां गुरुदेव के जयघोष से वातावरण को गुंजायमान कर रही थीं। तीर्थ पहुंचने पर ट्रस्ट मंडल द्वारा आचार्य भगवंतों का अक्षत से भव्य स्वागत कर गहुली की गई।
चल समारोह के दौरान मार्ग में स्थित श्री राज राजेंद्र जैन तीर्थ दर्शन म्यूजियम पर विराजित गच्छाधिपति आचार्य नित्यसेन सूरिश्वरजी महाराज से आचार्यद्वय ने भेंट कर चर्चा की । इसके बाद चल समारोह करीब 11:30 बजे तीर्थ पहुंचा। ओर विधिवत कार्यक्रम की शुरुआत ट्रस्ट मंडल के ट्रस्टिगण ने दीप प्रज्वलन एवं गुरुदेव के चित्र पर माल्यार्पण के साथ की।
धर्मसभा को संबोधित करते हुए गच्छाधिपति आचार्य हितेशचंद्र सूरिश्वरजी महाराज ने समाज की एकता पर जोर देते हुए कहा कि समाज की शक्ति उसके सदस्यों में निहित होती है। सभी को आपसी भेदभाव छोड़कर एकजुट रहना चाहिए और भगवान महावीर के संदेश को जन-जन तक पहुंचाना चाहिए। वहीं आचार्य श्री लेखेंद्रसूरिश्वर जी महाराज ने कहा कि समाज की उन्नति में श्रावकों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। संगठित रहकर ही समाज निरंतर प्रगति कर सकता है।
मंगल प्रवेश के दौरान मुनिराज श्री पीयूषचंद्र विजय जी,मुनिराज श्री दिव्यचंद्रविजय जी, मुनिराज श्री पुष्पेंद्र विजय जी, मुनिराज श्री वैराग्यस विजय जी, मुनिराज श्री रूपेंद्र विजय जी, मुनिराज श्री जीतचंद्र विजय जी, मुनिराज श्री मृगेंद्र विजय जी सहित साध्वी मंडल की गरिमामयी उपस्थिति रही।
ट्रस्ट मंडल की ओर से तीर्थ के मैनेजिंग ट्रस्टी सेठ सुजानमल जैन ने स्वागत उद्बोधन देते हुए कहा कि दो आचार्यों भगवंतो का आगमन समाज में नई ऊर्जा का संचार करता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आचार्यद्वय का मार्गदर्शन समाज को निरंतर मिलता रहेगा और जिनशासन के कार्य आगे बढ़ते रहेंगे। इस अवसर पर ट्रस्ट मंडल के ट्रस्टी फतेहलाल कोठारी, मेघराज जैन, मांगीलाल रामाणी, संजय सराफ, बाबूलाल खेमेसरा, मांगीलाल पावेचा सहित अन्य समाजजन उपस्थित रहे। इस अवसर पर आचार्यद्वय ने इंदौर तिलक नगर स्थित जैन मंदिर की प्रतिष्ठा के लिए 3 मई का श्रेष्ठ मुहूर्त इंदौर श्रीसंघ की उपस्थिति में प्रदान किया।


















