राजगढ़। नगर के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल पांच धाम एक मुकाम श्री माताजी मंदिर में शनिवार रात्रि को शरद पूर्णिमा महोत्सव पारंपरिक श्रद्धा, उल्लास और सेवा भाव के साथ संपन्न हुआ। श्री गणपति अम्बिका युवा मंच के तत्वावधान में आयोजित यह कार्यक्रम मंदिर के ज्योतिषाचार्य श्री पुरुषोत्तम भारद्वाज की पावन निश्रा में आयोजित किया गया।
शरद पूर्णिमा की पावन बेला पर मंदिर परिसर में विशेष धार्मिक अनुष्ठान और आरती का आयोजन हुआ। मान्यता अनुसार चंद्रमा की अमृतमयी किरणों तले रखी गई विशेष खीर और दूध का प्रसाद बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं को वितरित किया गया। रात्रिभर मंदिर परिसर भक्तिमय भजनों और जयकारों से गुंजायमान रहा।
5 दशकों से अनवरत जारी है सेवा की परंपरा –
शरद पूर्णिमा की मध्य रात्रि में श्वास एवं दमा (अस्थमा) रोग से पीड़ित 700 से अधिक मरीजों को विशेष आयुर्वेदिक औषधि का निःशुल्क वितरण किया गया। मंदिर के युवा आयुर्वेदाचार्य कृष्णा भारद्वाज ने जानकारी देते हुए बताया कि मंदिर परिसर में यह सेवा कार्य पिछले पांच दशकों (50 से अधिक वर्षों) से लगातार जारी है। इस पुनीत कार्य की शुरुआत मंदिर के ब्रह्मलीन आयुर्वेदाचार्य मुरारीलालजी भारद्वाज द्वारा की गई थी। उनके द्वारा शुरू की गई यह जनकल्याणकारी परंपरा आज भी उसी सेवा भाव के साथ अनवरत निभाई जा रही है।
आयुर्वेदिक मान्यता के अनुसार शरद पूर्णिमा की मध्य रात्रि में दी जाने वाली इस विशेष औषधि से श्वास और दमा के रोगियों को अत्यंत लाभ मिलता है। इसी विश्वास के चलते हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी धार, झाबुआ, अलीराजपुर, रतलाम, इंदौर सहित आसपास के कई जिलों से बड़ी संख्या में पीड़ित मरीज और उनके परिजन दवा लेने राजगढ़ पहुंचे थे।कार्यक्रम में श्री गणपति अम्बिका युवा मंच के अध्यक्ष अमित कमेडिया सहित सभी सदस्य मौजूद रहे।


















