सरदारपुर। एसडीएम कार्यालय सभाकक्ष में मंगलवार को विधायक प्रताप ग्रेवाल की अध्यक्षता एवं एसडीएम अजमेरसिंह गौड की उपस्थिति में नर्मदा माईक्रो सिंचाई परियोजना की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में नर्मदा घाटी विकास संभाग मनावर के कार्यपालन यंत्री आलोक चौबे भी उपस्थित रहे। बैठक में परियोजना की वर्तमान स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई। नर्मदा घाटी विकास के अधिकारियों द्वारा बताया गया कि परियोजना के अंतर्गत अब तक 14 गांवों तक पानी पहुंचा है जिसमे मिण्डा, चालनी, गोलपुरा, बोरखेडी, छिपापुरा, भोपावर, इमलीपुरा, पटलावदिया, कुमारपाट, हातोद, गोविन्दपुरा, मौरगांव, कपास्थल, सुनेडी शामिल है जबकि शेष 52 गांवों में पानी पहुंचना बाकी है।
विधायक ग्रेवाल ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि परियोजना के शेष 52 गांवो मे शीघ्र ही पानी पहुचाया जाए। साथ ही परियोजना के अंतर्गत आने वाली नदियों, तालाबों एवं पोखरों (जलाशयों) में शीघ्र नर्मदा जल छोड़ा जाए, ताकि किसानों को रबी फसल की सिंचाई के लिए पानी मिल सके।
पीएफसीएमडी बाॅक्स जल्द से लगाए जाए जिससे किसानो को अपने खेतो पर पानी मिल सके। विधायक प्रताप ग्रेवाल ने कहा कि इस परियोजना को वर्ष 2023 तक पूर्ण किया जाना था, लेकिन निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बाद भी आज दिनांक तक परियोजना पूरी नहीं हो पाई है। परियोजना में हो रही देरी के कारण क्षेत्र के किसानों को सिंचाई के लिए नर्मदा जल का लाभ नहीं मिल पा रहा है। साथ ही किसानो की मांग पर कालीकराय उपबांध मे पानी पहुचाने के लिए मौका निरीक्षण कर कालीकराय मे पानी पहुचाने की संभावना पर कार्य करने के निर्देश दिए।
विधायक ग्रेवाल ने स्पष्ट कहा कि किसानों को परियोजना का लाभ समय पर मिलना चाहिए। केवल पाइपलाइन बिछाने या परीक्षण तक परियोजना सीमित न रहे, बल्कि खेतों और जल स्रोतों तक वास्तविक रूप से पानी पहुंचना सुनिश्चित किया जाए। उक्त जानकारी विधायक कार्यालय से विष्णु चौधरी द्वारा दी गई।


















