राजगढ़। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सादगी और आम जनता से जुड़ाव का एक अनूठा और आत्मीय रूप गुरुवार शाम राजगढ़ में देखने को मिला। चंद्रशेखर आजाद नगर (आलीराजपुर) से इंदौर लौटते समय मुख्यमंत्री ने अचानक अपना काफिला राजगढ़ स्थित ‘श्री चारभुजा रेस्टोरेंट’ पर रुकवाया। दिन में एक दिव्यांग दुकानदार से भुट्टा खाने के बाद, शाम होते-होते मुख्यमंत्री का यह ‘देसी और आत्मीय’ अंदाज़ फिर चर्चा का केंद्र बन गया।
मालिक राहुल राठौड़ के साथ बनाई चाय, अधिकारियों को खुद परोसी –
रेस्टोरेंट पहुंचते ही मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सीधे चाय के स्टॉल पर पहुंच गए। उन्होंने रेस्टोरेंट मालिक राहुल राठौड़ के साथ स्वयं चाय बनाई और पारंपरिक कुल्हड़ में चाय का आनंद लिया। सादगी का आलम यह रहा कि सीएम ने अपने काफिले में मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों को भी खुद अपने हाथों से कुल्हड़ चाय वितरित की और उनसे हल्का-फुल्का आत्मीय संवाद किया।

”मेहनत करो और आगे बढ़ो” : युवा उद्यमी को दिया मूलमंत्र –
चाय की चुस्कियों के साथ सीएम ने युवा रेस्टोरेंट संचालक राहुल राठौड़ से उनका हाल-चाल जाना और मेहनत के बल पर जीवन में निरंतर आगे बढ़ने का मूलमंत्र दिया। इस दौरान रेस्टोरेंट पर मौजूद नागरिकों में मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर भारी उत्साह देखा गया। लोगों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया और साथ में सेल्फी ली।
’अचानक रुका सीएम का काफिला’ : राहुल राठौड़ –
रेस्टोरेंट मालिक राहुल राठौड़ ने खुशी ज़ाहिर करते हुए कहा, “जब मुख्यमंत्री जी का काफिला अचानक मेरी दुकान के सामने रुका तो मुझे विश्वास ही नहीं हुआ। मैंने बहुत झिझकते हुए उन्हें चाय का निमंत्रण दिया, जिसे उन्होंने पलक झपकते ही मुस्कुराकर स्वीकार कर लिया। उनका यह सहज स्वभाव हर किसी का दिल जीत लेता है।


















