राजगढ़। नगर में ठगी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां खुद को सीआईडी (CID) पुलिसकर्मी बताकर बदमाशों ने एक बुजुर्ग को अपना शिकार बना लिया। आरोपियों ने कार्रवाई और जुर्माने का डर दिखाकर पहले बुजुर्ग को झांसे में लिया, फिर असली जेवर उतरवाकर पुड़िया में नकली जेवर थमा दिए और फरार हो गए। ठगे गए जेवरों की कीमत 50 से 60 हजार रुपये बताई जा रही है।
जुर्माने का खौफ दिखाकर रची साजिश –
घटना राजगढ़ में मेन रोड नरटोडी की है। पीड़ित सरदार सिंह सोलंकी पिता मोहन सिंह सोलंकी बस स्टैंड से फूलमाला लेकर पैदल अपने घर लौट रहे थे। तभी बाइक सवार दो युवकों ने उन्हें रोका और खुद को सीआईडी का अधिकारी बताया। बुजुर्ग को यकीन दिलाने के लिए उन्होंने मोबाइल में पुलिस की वर्दी पहने अपनी तस्वीरें भी दिखाईं। बदमाशों ने बुजुर्ग से कहा कि खुलेआम जेवर पहनकर घूमने वालों पर पुलिस 10 हजार रुपये का जुर्माना लगा रही है।
नाटकीय अंदाज में दिया झांसा –
बातचीत के दौरान ही योजना के तहत उनका एक अन्य साथी बाइक से वहां पहुंचा। उसने नाटक करते हुए तुरंत अपने गले की चेन उतारी और दोनों फर्जी पुलिसकर्मियों को सौंप दी। यह देखकर सरदार सिंह को पूरा भरोसा हो गया कि सामने खड़े लोग सचमुच पुलिसकर्मी हैं। इसके बाद बदमाशों के कहने पर बुजुर्ग ने भी अपने गले की सोने की चेन और अंगूठी उतारकर उन्हें दे दी।
पुड़िया बदलकर फरार हुए बदमाश –
आरोपियों ने असली जेवर पुड़िया में रखने का ढोंग किया और हाथ की सफाई दिखाते हुए वही पुड़िया बुजुर्ग को थमा दी, जिसमें उनके साथी की दी हुई नकली चेन और अंगूठी पहले से रखी थी। इसके बाद दोनों आरोपी बाइक से रफूचक्कर हो गए। घर पहुंचकर जब बुजुर्ग ने पुड़िया खोली, तो उसमें सोने जैसे दिखने वाले नकली जेवर मिले। खुद के साथ हुई ठगी का अहसास होते ही वे सीधे राजगढ़ थाने पहुंचे और मामला दर्ज कराया।
CCTV खंगाल रही पुलिस –
राजगढ़ थाना प्रभारी समीर पाटीदार ने बताया कि यह गिरोह खास तौर पर बुजुर्गों को निशाना बनाता है। पुलिस को आशंका है कि इस वारदात के पीछे कुख्यात ‘ईरानी गैंग’ का हाथ हो सकता है। पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले हैं, जिसमें आरोपियों की बाइक का नंबर ट्रेस हो गया है। पुलिस टीमें आरोपियों की तलाश में जुटी हैं और उन्हें जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
पुलिस की अपील : किसी के झांसे में न आएं –
थाना प्रभारी समीर पाटीदार ने नागरिकों से अपील की है कि पुलिस, सीआईडी या किसी अन्य जांच एजेंसी का कोई भी अधिकारी रास्ते में जेवर उतारने या जांच के नाम पर आभूषण सौंपने को नहीं कहता। यदि कोई व्यक्ति खुद को अधिकारी बताकर ऐसा दबाव बनाए, तो तुरंत सतर्क हों और नजदीकी थाने या डायल 112 पर सूचना दें। विशेष रूप से बुजुर्ग अनजान लोगों की बातों में न आएं।

















