सरदारपुर – माही नदी के तट स्थित झिर्णेश्ववर धाम पर महाशिवरात्रि पर हुआ भव्य आयोजन, गंगा मैया की तर्ज पर हुई माही माता की आरती

सरदारपुर। माही नदी के तट पर स्थित झिर्णेश्ववर महादेव धाम पर भगवान भोलेबाबा के शिवलिंग का दक्षिण भारत की तर्ज पर विशेष श्रृंगार हुआ। देश की प्रमुख नदियों से लाए गए जल एवं दुध से माही माता का मंत्रों चार से अभिषेक कर मां को चुनरी ओढ़ाकर गंगा मैया की तर्ज पर माही माता की महाआरती हुई। जिसमे बड़ी संख्या में श्रद्धालु आयोजन के साक्षी बने।

सरदारपुर नगर से दो किमी की दुरी पर माही नदी के तट पर गोल जलाधारी में झिर्णेश्ववर महादेव की प्रतीमा स्थापित है, यहां स्थापित प्रतिमा का निर्माण विश्वकर्माजी द्वारा किया गया था। शिवलिंग को पांडवों द्वारा स्थापित किया गया था। इस स्थान को झिर्णेश्ववर महादेव धाम के नाम से जाना जाता है। अंचल के लोग आज भी उकाला के नाम से इस स्थान को जानते है। झिणेश्वर धाम सेवा समिति द्वारा महाशिव रात्री पर्व की पूर्व संध्या पर भगवान भोलेबाबा की बारात एवं चुनरी यात्रा मंदिर परिसर का भ्रमण करते हुए माही तट पहुंची जहां विद्वान आचार्यों द्वारा देश की प्रमुख नदियों से लाए गए जल एवं दुध से माही माता का मंत्रों चार से अभिषेक कर मां को चुनरी ओढ़ाई गई।

पश्चात श्रंगारित घाट पर गंगा मैया की तर्ज पर माही माता की महाआरती की गई, मंदिर में विराजमान शिवलिंग का दक्षिण भारत की तर्ज पर विशेष श्रृंगार किया जिसे श्रद्धालु निहारते हुए भावविभोर हुए। वहीं मंदिर परिसर में मां कालका, हनुमानजी, भगवान नरसिंह, भुत आदि के रूप में कलाकार श्रंगारित होकर सुंदर प्रस्तुतियां दी। वहीं बड़ी संख्या श्रद्धालुओं ने भंडारे में भोजन प्रसादी ग्रहण कर धर्म लाभ लिया।

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